नवजीवन योजना

नवजीवन योजना

अवैध शराब के निर्माण, भण्डारण एवं विक्रय में लिप्त व्यक्तियों/समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास तथा पुनर्वास (यथा आजीविका के वैकल्पिक अवसर/संसाधन उपलब्ध कराना, अशिक्षा को दूर करना एवं उन्हें मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना) हेतु नवजीवन योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जा रहा है।

इस योजनान्तर्गत ऐसे व्यक्ति/परिवार जो अवैध शराब के निर्माण, भण्डारण एवं विक्रय में लिप्त हैं यथा कंजर, सांसी, भाट, भाण्ड, नट, राणा, डोम, मोंगिया (मोंग्या), बावरिया, बेड़िया, बागरिया, सीरकीवाला, चौबदार एवं ढोली समुदायों के व्यक्ति तथा जिला कार्यकारी समिति द्वारा इस हेतु चिन्हित व्यक्ति/परिवारों के पुनर्वास के लिये विभिन्न वैकल्पिक आजीविका के साधन उपलब्ध करवाकर लाभान्वित किया जाता है।

योजना में परिवारों का सर्वे/चिन्हीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास, प्रशिक्षण, स्वरोजगार एवं आश्रित बच्चों के शैक्षणिक विकास हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना में कुल प्रावधित राशि में से 40 प्रतिशत राशि की सीमा तक आधारभूत सुविधाओं/निर्माण कार्यों पर व्यय किये जाने का प्रावधान रखा गया है।

योजना का क्रियान्वयन

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु माननीय मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग समिति तथा जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला कार्यकारी समिति का गठन किया गया है।

लाभार्थी को देय लाभ :

नवजीनव योजनान्तर्गत अवैध शराब के निर्माण, भण्डारण व विक्रय में लिप्त समुदाय/परिवारों के पुनर्वास हेतु निम्न

प्रयास किये जाते हैः-

1. सर्वे/ चिन्हीकरण, प्रचार-प्रसार/ वातावरण निर्माण और फॉलोअप

2. ट्रेनिंग

3. प्रशिक्षणार्थियों को वैकल्पिक रोजगारों से जोड़ने तथा बैकों से ऋण उपलब्ध करवाकर ऋण पर ब्याज अनुदान

राशि स्वीकृत की जाती है।

4. पात्र परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोडा जा कर फीस पुनर्भरण की जाती है।

5. पात्र समुदायों एवं परिवारों/व्यक्तियों की बस्तियों/निवासस्थान पर आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं

आदर्श बस्तियों का विकास किया जाता है।

6. पात्र परिवारों के बच्चों के लिये जोधपुर जिले में नवजीवन छात्रावास का संचालन किया जा रहा है।

पात्रता :

  • इस योजना का लाभ पाने के लिए ग्रसित परिवारों का राजस्थान राज्य का मूल निवासी होना जरूरी है।
  • इस योजना में उन परिवारों को लाभ दिया जाएगा, जो कि शराब से ग्रसित और हाथ पर शराब का व्यवसाय करते हैं।
  • इस योजना में इसके अतिरिक्त किसी अन्य परिवारों को नहीं जोड़ा जाएगा।
  • अगर नवजीवन योजना में पहले से ही परिवार इसका लाभ ले रहा है तो इसे इसमें इसमें पुनः नहीं जोड़ा जाएगा।
  • इस योजना में लाभार्थियों का चयन परिवार के मुखिया को मध्यनजर रखते हुए ही इसका लाभ देने की पात्रता दी जाएगी।

नवजीवन योजना के लिए निःशुल्क ऑफलाइन आवेदन किए जा सकते है।

https://sje.rajasthan.gov.in

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